

ईद-उल-फितर पर पखांजूर में गूंजा भाईचारे का पैग़ाम, ” हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल ” छत्तीसगढ़, कांकेर,पखांजूर, परलकोट दर्पण। ईद-उल-फितर का मुक़द्दस त्योहार पखांजूर में पूरे अकीदत, जोश और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाह में नमाज़ अदा कर मुल्क की तरक़्क़ी, अमन-ओ-चैन और खुशहाली के लिए दुआएँ मांगी।ईद की नमाज़ के बाद मुस्लिम समाज के लोग कब्रिस्तान पहुँचे, जहाँ उन्होंने अपने मरहूम अज़ीज़ों की क़ब्रों पर फातिहा पढ़ी और उनकी मग़फ़िरत के लिए ख़ास दुआएँ कीं। इस दौरान माहौल ग़मगीन होने के साथ-साथ रूहानी सुकून से भी भर गया।नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद पेश की और सेवइयों व मिठाइयों के साथ खुशियाँ बाँटीं। पूरे इलाके में रौनक और जश्न का माहौल देखने को मिला।इस अवसर पर अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर (अध्यक्ष) हाजी मोहम्मद इशाहाक भाई, इमाम साहब अब्दुल खालिक, साहान भाई, मोहम्मद नासिर, जुनेद अख्तर, अहमद खान, वकील खान, आरिफ रज़ा, राजू खान एवं दिनु खान सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।इस खास मौके पर परलकोट क्षेत्र के हिन्दू समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मुस्लिम भाइयों के साथ मिलकर इस त्योहार की खुशियों को दोगुना कर दिया। आपसी मोहब्बत, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब की यह खूबसूरत तस्वीर लोगों के दिलों को छू गई।स्थानीय लोगों ने बताया कि इस तरह के मौके समाज में एकता, भाईचारा और आपसी सौहार्द को और मज़बूत करते हैं। पखांजूर में मनाया गया यह जश्न न सिर्फ ईद की खुशियाँ लेकर आया, बल्कि इंसानियत और एकजुटता का पैग़ाम भी दिया गया ।
ईद-उल-फितर की दिली मुबारकबाद





