

धरने के दूसरे दिन: बंगाली समाज का ऐतिहासिक संघर्ष! आज धरने के दूसरे दिन शक्ति फार्म क्षेत्र में बंगाली समाज के सच्चे हितैषी और वरिष्ठ नेता Uttam Acharya जी पहुंचे। उनके साथ क्रांतिकारी युवा नेता Kishor Haldar , Abhimanyu Sana , बंगाली समाज के शुभचिंतक डॉ. सुभरो चक्रवर्ती, शक्ति फार्म के समाजसेवी और क्रांतिकारी विचारधारा के धनी Subratan Kumar सुंदरपुर से आए बंगाली क्रांतिकारी युवा नेता Amrit Biswas , हमारे वरिष्ठ बंगाली समाजसेवी, कवि एवं लेखक Sameer Ray जी, युवा समाजसेवी गोपाल विश्वास, छात्र संघ के युवा नेता रजत मंडल और सभी भाइयों ने अनिश्चितकालीय आरक्षण धरने को पूर्ण समर्थन दिया। प्रातः 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक सभी ने धरने में डटे रहकर बंगाली समाज के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती प्रदान की। सभी योद्धाओं का हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद! यह धरना केवल एक घटना नहीं, बल्कि बंगाली समाज के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। अखिल भारतीय बंगाली एकता मंच के संस्थापक सुब्रत कुमार विश्वास जी के नेतृत्व में यह अनिश्चितकालीय धरना बंगाली समाज को उसके हकदार आरक्षण का अधिकार दिलाने के लिए चल रहा है। सुब्रत जी का यह संघर्ष पूरे देश भर में गूंज रहा है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों से फोन के माध्यम से सैकड़ों साथी जुड़ रहे हैं। आज ही अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ से रुद्रपुर पहुंचने का प्रस्ताव दीपांकर विश्वास जी ने दिया है। हम उम्मीद करते हैं कि भारतवर्ष के हर राज्य से सहयोग मिलेगा। सुब्रत कुमार विश्वास जी बंगाली समाज के अधिकारों के लिए अथक प्रयासरत हैं – यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों! लगातार आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आगे भी इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने की अपेक्षा करते हैं। बंगाली समाज सदियों से भारत की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न अंग रहा है। उत्तराखंड से लेकर पश्चिम बंगाल तक, छत्तीसगढ़ से असम तक – हर जगह बंगाली भाइयों-बहनों ने देश की आजादी और विकास में योगदान दिया है। लेकिन आरक्षण के मामले में हमें अभी भी न्याय नहीं मिला। यह धरना उस अन्याय के खिलाफ आवाज है। उत्तम आचार्य जी जैसे वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन, किशोर हालदार, अभिमन्यु साना और अमृत विश्वास जैसे युवाओं की ऊर्जा, डॉ. सुभरो चक्रवर्ती की बौद्धिकता, समीर राय जी की काव्यात्मक प्रेरणा, गोपाल विश्वास और रजत मंडल की युवा शक्ति – यह सब मिलकर एक नई क्रांति का सूत्रपात कर रहा है।सुब्रत जी का यह आंदोलन केवल आरक्षण तक सीमित नहीं। यह बंगाली समाज की शिक्षा, रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक न्याय की व्यापक लड़ाई है। हमने देखा है कि कैसे सरकारी योजनाओं में बंगाली समाज को ठीक से प्रतिनिधित्व नहीं मिलता। स्कूलों में किताबें, वर्दी, बुनियादी सुविधाएं – सब कुछ प्रभावित होता है। लेकिन अब समय आ गया है कि हम एकजुट होकर अपनी मांगें मनवाएं। अखिल भारतीय बंगाली एकता मंच इसी एकता का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ से रुद्रपुर तक, हर जगह से साथी आ रहे हैं। आप भी जुड़ें! फोन करें, संदेश भेजें, धरने में पहुंचें। राजनीति से ऊपर उठकर बंगाली समाज के हित में खड़े हों।यह संघर्ष लंबा हो सकता है, लेकिन जीत हमारी होगी। सुब्रत कुमार विश्वास जी के नेतृत्व में हम आरक्षण पाकर ही दम लेंगे। सभी भाइयों-बहनों से अपील: अपनी व्यस्तता निभाते हुए भी थोड़ा समय निकालें, सहयोग करें। आंदोलन की अगली रूपरेखा जल्द घोषित होगी – तैयार रहें! जय बंगाली समाज! जय हिंद!





