जिले में धान का उठाव ठप, लाखों क्विंटल धान बारिश में भीगने को मजबूर – शिवसेनाकांकेर/भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले में धान उठाव की धीमी रफ्तार अब किसानों और समितियों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गई है। शिवसेना पदाधिकारियों द्वारा भानबेड़ा धान खरीदी केंद्र के औचक निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।शिवसेना प्रदेश सचिव महेश वासुदेव दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि भानबेड़ा केंद्र में कुल 39,691.60 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी, जिसमें से अब तक मात्र 11,846.22 क्विंटल धान का ही उठाव किया जा सका है। इसमें 8,249.87 क्विंटल धान संग्रहण केंद्र और 3,596.35 क्विंटल राइस मिलों को भेजा गया है, जबकि 27,845.38 क्विंटल धान अभी भी केंद्र में पड़ा हुआ है।उन्होंने बताया कि जिले के अन्य खरीदी केंद्रों—कच्चे, भानुप्रतापपुर, हाटकोंदल और दमकसा—में भी धान उठाव की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। लगातार हो रही बेमौसम बारिश के कारण खुले में रखे धान में नमी बढ़ रही है और कई जगहों पर अंकुरण की समस्या भी शुरू हो गई है। इससे धान की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और फंगस लगने का खतरा बढ़ गया है।शिवसेना ने आरोप लगाया कि समय पर उठाव नहीं होने के कारण समितियों के प्रभारी को धान के रखरखाव में भारी परेशानी हो रही है। यदि जल्द ही उठाव नहीं हुआ, तो राइस मिलर्स नमी अधिक होने के कारण धान को अस्वीकार कर सकते हैं, जिसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा।शिवसेना ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग की है कि तत्काल हस्तक्षेप करते हुए राइस मिलर्स के माध्यम से धान का उठाव शुरू कराया जाए। साथ ही, खुले में रखे धान की सुरक्षा के लिए पर्याप्त तिरपाल और शेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा उठाव की समय सीमा तय की जाए।निरीक्षण के दौरान संत पटेल और भोला नेताम भी उपस्थित रहे।






