
पखांजूर (कांकेर), छत्तीसगढ़।पखांजूर नगर में दिनांक 14 जनवरी 2026 से 20 जनवरी 2026 तक नर नारायण सेवाश्रम मेला समिति के तत्वावधान में 62 वां मकर संक्रांति महा मेला आयोजित होने जा रहा है। यह मेला क्षेत्र का ऐतिहासिक एवं आस्था से जुड़ा आयोजन है, जिसमें हर वर्ष हजारों नहीं बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। मेले के दौरान हजारों दुकानें सजती हैं और संपूर्ण क्षेत्र उत्सव के रंग में डूब जाता है।लेकिन इतने विशाल आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था, विशेषकर अग्निशमन व्यवस्था का अभाव, गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, इस महा मेले में अग्निशमन वाहन की कोई स्थायी या अस्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। यह स्थिति तब और भी भयावह हो जाती है, जब मेले में अस्थायी दुकानों(अधिकतर प्लास्टिक तिरपालों से निर्मित), बिजली की तारों, गैस चूल्हों और भारी भीड़ के कारण आग लगने की आशंका बनी रहती है।यदि दुर्भाग्यवश कोई अग्नि दुर्घटना घटित होती है, तो न तो नगर पंचायत पखांजूर के पास और न ही आयोजक समिति के पास तत्काल राहत एवं बचाव की कोई ठोस व्यवस्था उपलब्ध है। ऐसे में सवाल उठता है कि लाखों श्रद्धालुओं की जान की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?शासन-प्रशासन की नाक के नीचे इस प्रकार सुरक्षा से खिलवाड़ किया जाना कई प्रश्न खड़े करता है। क्षेत्र का बुद्धिजीवी वर्ग और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं। क्या प्रशासन और समाज किसी बड़ी दुर्घटना के घटित होने का इंतजार कर रहा है?स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि मेला प्रारंभ होने से पूर्व अग्निशमन वाहन, दमकल कर्मियों की तैनाती, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और समुचित सुरक्षा प्रबंध अनिवार्य रूप से किए जाएं, ताकि आस्था के इस महापर्व पर कोई अप्रिय घटना न घटे।अब देखना यह होगा कि प्रशासन समय रहते चेतता है या फिर यह चेतावनी भी अनसुनी रह जाती है।
— परलकोट दर्पण लोकल न्यूज चैनल





