
सिंधनूर में बंगाली समाज का आंदोलन तेज, उप तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन; मंगलवार को कलेक्टर से होगी मुलाकात
सिंधनूर, 18 अप्रैल 2026।
कर्नाटक के सिंधनूर क्षेत्र में बंगाली समाज के अधिकारों को लेकर चल रहा आंदोलन अब तेज हो गया है। सुब्रत कुमार विश्वास के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन के तहत स्थानीय बंगाली समाज के प्रतिनिधियों ने उप तहसीलदार श्रीमती वाणी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि सिंधनूर एवं आसपास के क्षेत्रों में पिछले 50–60 वर्षों से निवास कर रहे बंगाली समुदाय को अब तक कई मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा गया है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा पूरे देश में समान रूप से लागू नहीं होने से समाज में भारी असंतोष व्याप्त है। प्रतिनिधियों ने कहा कि कुछ राज्यों में यह दर्जा मिलने के बावजूद अन्य राज्यों में न मिलना “एक देश, एक कानून” की अवधारणा के विपरीत है।
प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि समाज को विभिन्न स्थानों पर सामाजिक, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक स्तर पर भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के विरोध में अब आंदोलन को देशव्यापी रूप दिया जा रहा है।
इस दौरान प्रतिनिधियों ने घोषणा की कि वे मंगलवार को रायचूर जिले के कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी मांगों को रखेंगे। यह आंदोलन अब देश के 30 से अधिक राज्यों तक फैल चुका है, जिसमें ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और अंडमान-निकोबार जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
अखिल भारतीय बंगाली एकता मंच के संस्थापक सुब्रत कुमार विश्वास के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा सुधार, आरक्षण के अधिकार और सामाजिक न्याय की मांग है।
स्थानीय नेताओं ने कहा,
“हम दशकों से यहां रह रहे हैं, फिर भी हमें SC दर्जे जैसे मूलभूत अधिकार नहीं मिल रहे हैं। ‘एक देश, एक कानून’ का सिद्धांत बंगाली समाज पर भी लागू होना चाहिए।”
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो बड़े स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से निताई तर्फदार, सागर मंडल, सर्वजीत गाईन, समरेश मंडल, पियूष मिर्धा, प्रेमानंद तालुकदार, संजीव मिर्धा, मानिक मंडल, कनक मंडल, तापस मंडल, सुनील मिस्त्री, साधन सेन, प्रवृत्तन मिस्त्री सहित अन्य शामिल रहे।





