
परलकोट क्षेत्र में आए दिन तथाकथित पत्रकारों द्वारा किसी न किसी रूप में अवैध वसूली की घटनाएं उजागर हो रही है। जिससे संबंधित शिकायतें भी पखांजूर थाना में दर्ज कराई जा रही है । विडंबना यह है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जाने वाले एवं समाज को सच्चाई का आइना दिखाने वालों में से अगर दो पांच अवैध वसूली की वारदातों में लिप्त पाए जाते हैं या उन पर कोई अवैध वसूली करने का अपराध पंजीबद्ध किया जाता है तो सभी दो पांच को बचाने या कहें अपने पेशे के स्वाभिमान को धूमिल होने से बचाने के लिए लग जाते हैं एवं समाज को आईना दिखाने वालों को जब इसी समाज में से ही किसी समाज हितैषी व्यक्ति द्वारा आईना दिखाया जाता है तो अवैध वसूली करने वाले गैंग तिलमिला उठते हैं। पत्रकारिता की आड़ में असमाजिक तत्वों का अवैध वसूली गैंग परलकोट क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। अतिसंवेदनशील क्षेत्र में अपनी जान जोखिम में डालकर खबरें प्रकाशित करने वाले निष्पक्ष पत्रकारों के कार्यों को कलंकित करने का काम ऐसे अवैध वसूली करने वाले तथाकथित पत्रकार कर रहे हैं। ऐसे अवैध वसूली करने वाले तथाकथित पत्रकारों का जिला जनसंपर्क कार्यालय कांकेर छत्तीसगढ़ में पंजियन भी नहीं है जो जांच का विषय बन जाता है। अवैध वसूली करने वाले तथाकथित पत्रकारों की आमदनी की भी जांच होनी चाहिए कि इतने कम समय में वे महंगे-महंगे शौक, बैंक बैलेंस, लग्जरी कार, बड़े बड़े शहरों में बंगले, जमीन खरीदी, बच्चों को महंगे स्कूलों में पढ़ाई करवाना, विदेश भ्रमण कैसे ? और कौन से आय स्रोतों से पूरी करते हैं उच्च स्तरीय जांच का विषय है। परलकोट दर्पण लोकल न्यूज चैनल ऐसे असामाजिक तत्वों अवैध वसूली करने वाले गैंग के खिलाफ खड़ा है एवं इन लोगों को सच्चाई को दर्पण सदैव ही दिखाता रहेगा।





