
परलकोट दर्पण लोकल न्यूज | विशेष रिपोर्ट मलकानगिरी MV-26 घटना: पीड़ित परिवारों से मिले बंगाली नेता सुब्रत कुमार विश्वास, प्रशासन पर कार्यक्रम रोकने के आरोप ओडिशा के मलकानगिरी जिले के MV-26 एवं आसपास के क्षेत्रों में हुई आगजनी और विस्थापन की घटना को लेकर बंगाली समाज में लगातार असंतोष देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि इस घटना से प्रभावित 188 से अधिक बंगाली परिवार अभी भी न्याय और पुनर्वास की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इसी बीच उत्तराखंड से पहुंचे बंगाली नेता सुब्रत कुमार विश्वास ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और उनके समर्थन में आवाज उठाई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के बावजूद सुब्रत विश्वास ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उनके समर्थकों का दावा है कि उन्होंने प्रशासनिक बाधाओं के बावजूद विस्थापित परिवारों से संपर्क कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि यह केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि विभिन्न राज्यों में बसे बंगाली हिंदू समाज के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है।इधर, सुब्रत विश्वास के समर्थकों का आरोप है कि मलकानगिरी क्षेत्र में प्रस्तावित उनकी सभाओं, बैठकों और धार्मिक आयोजनों को प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दी गई। MV-69 बैकुंठ धाम सोनाली ग्राम में आयोजित महाशिवरात्रि-भागवत मंच से भी उनका नाम हटाने की बात सामने आई है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।सुब्रत विश्वास ने कहा कि बंगाली समाज को भूमि, नागरिकता, आरक्षण तथा अन्य संवैधानिक अधिकारों को लेकर स्पष्ट नीति की आवश्यकता है। उन्होंने “एक देश-एक अधिकार-एक कानून” की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।दूसरी ओर, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। किसी भी कार्यक्रम के लिए अनुमति की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत ही की जाती है।उल्लेखनीय है कि MV-26 घटना के बाद से विस्थापित परिवार पुनर्वास, सुरक्षा और न्याय की मांग कर रहे हैं। सामाजिक संगठनों और विभिन्न नेताओं के दौरे से इस मुद्दे ने अब व्यापक राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का रूप ले लिया है।परलकोट दर्पण लोकल न्यूज इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रशासन व पीड़ित परिवारों के पक्ष को सामने लाने का प्रयास जारी रखेगा।
़





