
कोया पुनेम हमारी जीवन पद्धति और सत्य का मार्ग है: विधायक सावित्री मंडावी
गोंडवाना संस्कृति के संरक्षण का संदेश, कहाड़गोंदी में कोया पुनेम प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न
समाज हित में एकजुटता जरूरी, पेसा कानून भाग-2 पुस्तक का हुआ विमोचन
चारामा | 24 दिसंबर 2025।
ग्राम कहाड़गोंदी में KBKS छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित कोया पुनेम प्रशिक्षण कार्यशाला में भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मनोज मंडावी ने शिरकत कर कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कोया बूमकाल क्रांति सेना के पदाधिकारियों एवं आयोजकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम हमारी युवा पीढ़ी को गोंडवाना की रीति-नीति, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विधायक सावित्री मंडावी ने कहा कि कोया पुनेम शब्द गोंडी भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ गोंड समाज का “सत्य का मार्ग” है। यह केवल धार्मिक विचारधारा नहीं, बल्कि हमारे समाज की प्राचीन जीवन पद्धति और दर्शन है, जिसके आधार पर हमारी सामाजिक व्यवस्था विकसित हुई है। कोया पुनेम हमें सहयोग, सेवा और समाज कल्याण का मार्ग दिखाता है तथा प्रकृति और सृष्टि के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की सीख देता है।
उन्होंने कहा कि भले ही हम राजनीतिक रूप से अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े हों, लेकिन जब समाज और संस्कृति की रक्षा की बात आती है, तो सभी को एकजुट रहना चाहिए। एकता ही वह शक्ति है, जिससे बाहरी ताकतें हमारे समाज को विभाजित नहीं कर पाएंगी। विधायक ने कहा कि गोंडवाना की पहचान, संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान मंच के माध्यम से पेसा कानून भाग-2 पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जिसे जनजातीय अधिकारों और ग्राम स्वशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया। इस अवसर पर नीलेश महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी, गोंडवाना समाज के संरक्षक विजय ठाकुर, श्रवण दर्रो परगना मांझी चारामा, सरपंच जयसिंह नेताम, हरिशंकर दर्रो, विधायक प्रतिनिधि किशोर नेताम, पुरुषोत्तम गजेन्द्र, कांग्रेस मंडल पुरी के अध्यक्ष चन्द्र कुमार कांगे, जनपद पंचायत सदस्य परसादी नरेटी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यशाला में वक्ताओं ने गोंडवाना संस्कृति, परंपरागत ज्ञान, पेसा कानून और आदिवासी समाज की संवैधानिक अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, संस्कृति संरक्षण और भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के संकल्प के साथ हुआ।
असीम पाल
चीफ एडिटर परलकोट दर्पण लोकल न्यूज चैनल की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट





