
पखांजूर में 12 महिला समितियों के फंड में बड़ी सेंध, जनपद पंचायत पहुंची आक्रोशित महिलाएं! कांकेर जिले के पखांजूर इलाके से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ पी.वी. 3 शारदानगर की 12 महिला समितियों ने अपने ही संघ के पदाधिकारियों पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। आरोप है कि बैंक से निकाले गए 8 लाख रुपयों में से केवल 6 लाख का हिसाब दिया गया और बाकी राशि को पदाधिकारियों ने आपस में ही ठिकाने लगा दिया। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला। पखांजूर के ग्राम पंचायत पी.वी. 3 शारदानगर की 12 महिला समितियों को मिलाकर एक मुख्य संगठन यानी ‘संघ’ बनाया गया था। इस संघ की जिम्मेदारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और लेखापाल के कंधों पर थी। लेकिन आरोप है कि जिन कंधों पर भरोसे की जिम्मेदारी थी, उन्होंने ही महिलाओं की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर दिया। शिकायत के अनुसार, करीब एक महीने पहले संघ के पदाधिकारियों ने बैंक से 8 लाख रुपए की निकासी की थी। नियम के मुताबिक यह पैसा सभी 12 समितियों में बराबर बांटना था। लेकिन गांव पहुंचने पर पदाधिकारियों ने झूठ बोला कि बैंक से केवल 6 लाख रुपए ही मिले हैं और इसी आधार पर बंदरबांट कर दी गई। हैरानी की बात यह है कि इस हेराफेरी का खुलासा एक महीने बाद हुआ। जब सच सामने आया, तो गांव में बुजुर्गों और ग्राम कमेटी की मौजूदगी में एक बड़ी बैठक बुलाई गई। बैठक में यह भी पता चला कि इस तरह की वित्तीय अनियमितता पहले भी की जा चुकी है। जब कमेटी ने पदाधिकारियों से इस्तीफा (रिजाइन) मांगा, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। पदाधिकारियों की मनमानी और धोखाधड़ी से तंग आकर आज सभी 12 समितियों की सैकड़ों महिलाएं जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचीं। महिलाओं ने जनपद CEO को अपनी व्यथा सुनाई और मांग की है कि पुराने भ्रष्ट पदाधिकारियों को तुरंत हटाया जाए और नए संघ का गठन किया जाए। पीड़ित महिला का बयान आएगा)”हम 12 समितियों की महिलाओं के साथ लंबे समय से धोखाधड़ी हो रही है। इस बार 2 लाख रुपए गायब कर दिए गए। हमें अब पुराना संघ नहीं चाहिए, हम चाहते हैं कि नया संगठन बने और इन लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो। अब देखना यह होगा कि जनपद CEO इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या इन महिलाओं को उनका हक और न्याय मिल पाता है ।





