परलकोट दर्पण लोकल न्यूज चैनल विशेष रिपोर्ट
परलकोट क्षेत्र में तथाकथित पत्रकार द्वारा अवैध वसूली का मामला उजागर
परलकोट क्षेत्र में पत्रकारिता की आड़ में अवैध वसूली का कारोबार सामने आया है। जानकारी के अनुसार कुछ तथाकथित पत्रकार अपने निजी स्वार्थ के लिए विज्ञापन प्रकाशन के नाम पर लोगों पर दबाव बनाकर मोटी रकम की मांग कर रहे हैं।
इसी कड़ी में स्थानीय तथाकथित पत्रकार धनंजय चंद उर्फ पिंटू का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि उनके द्वारा मेसर्स देवनाथ एजेंसी पखांजूर एवं क्षेत्र के फर्टिलाइजर इंस्पेक्टर मनोज सरकार की छवि धूमिल करने वाली खबरें 23 अगस्त 2025 को नवभारत पेपर (कांकेर माय सिटी, लास्ट पेज) में प्रकाशित की गईं।
एजेंसी संचालक सतदल देवनाथ ने परलकोट दर्पण लोकल न्यूज चैनल से बातचीत में खुलासा किया कि धनंजय चंद उर्फ पिंटू ने उनसे 10,000 रुपये विज्ञापन के रूप में मांगे थे। मांग पूरी न होने पर मीडिया के माध्यम से बदनाम करने की धमकी दी गई।
इसी प्रकार फर्टिलाइजर इंस्पेक्टर मनोज सरकार ने बताया कि उनसे भी 30,000 रुपये विज्ञापन राशि की मांग की गई थी। उनके मना करने पर उन्हें धमकी दी गई कि “तुमको बाद में देख लूंगा।” मनोज सरकार ने बताया कि 10 अगस्त 2025 की रात ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए यूरिया खाद से भरे ट्रक (क्रमांक CG 04 NW 8003) की उन्होंने विधिसम्मत जांच की थी और पंचनामा बनाकर ट्रक को पुलिस के सुपुर्द किया गया था। वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने पर पुलिस द्वारा ट्रक को मुक्त कर दिया गया। इसके बावजूद पत्रकार द्वारा उनकी भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं और झूठे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई।
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि तथाकथित पत्रकार धनंजय चंद उर्फ पिंटू द्वारा विज्ञापन के नाम पर अवैध वसूली करने का प्रयास किया गया और स्वार्थ सिद्ध न होने पर झूठी व भ्रामक खबरें प्रकाशित की गईं।
परलकोट दर्पण लोकल न्यूज चैनल का मानना है कि मीडिया समाज का दर्पण है और उसका उद्देश्य जनहित में निष्पक्ष व तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करना है। विज्ञापन लेना अपराध नहीं है, लेकिन किसी को डराकर या दबाव बनाकर अवैध रूप से वसूली करना निश्चित ही पत्रकारिता की गरिमा के विरुद्ध है। मीडिया जगत को इस पर आत्मविश्लेषण करने की आवश्यकता है।





